अब अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के पशुपालकों और किसानों को दुधारु पशुपालन के लिए 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। पहले 50 प्रतिशत अनुदान मिलता था। इस साल गायपालन की योजना में बदलाव किया जा रहा है। अब 6 और 10 गाय के पालन पर अनुदान नहीं मिलेगा। सिर्फ 2 और 4 गायपालन की योजना लागू होगी। वर्ष 2020-21 के लिए पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की इस योजना को लोक वित्त समिति ने स्वीकृति दे दी है।

इसे कैबिनेट को स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। माना जा रहा है अगली कैबिनेट की बैठक में इस योजना को स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद पशुपालक किसानों से आवेदन लिए जाएंगे। इस योजना में पिछड़ा सहित सामान्य वर्ग के पशुपालकों को लागत इकाई का 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसान को 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इस साल यह योजना 73 करोड़ की है।

2 व 4 गाय पर ही अनुदान

  • 2 दुधारु पशु के लिए लागत इकाई 1.60 लाख है। इसमें ओबीसी, एससी, एसटी को 1.20 लाख रुपए अनुदान मिलेगा। सामान्य वर्ग को 80 हजार अनुदान मिलेगा।
  • 4 दुधारु पशु की लागत इकाई 3,38,400 रुपए है। इसमें ओबीसी, एससी, एसटी को 2,53,800 रुपए अनुदान मिलेगा। सामान्य वर्ग को 1,69,200 रुपए अनुदान मिलेगा।

लाभुकों से लिया जाएगा ऑनलाइन आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को अपने जिला के जिला गव्य विकास पदाधिकारी को आवेदन देना होगा। आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। जिला अग्रणी बैंक पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति द्वारा लाभुक का चयन किया जाएगा। समिति में जिला गव्य विकास पदाधिकारी सदस्य सचिव होंगे। जिला पशुपालन पदाधिकारी, उद्योग विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी और जिला पारिषद के प्रतिनिधि सदस्य होंगे।

तीन साल में 6 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
पशुपालन योजना में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया जा रहा है। राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले तीन साल में 6% दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। इसे और बढ़ाना है, ताकि किसानों की आय बढ़े। -डॉ. प्रेम कुमार, पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री