कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और निश्चित रूप से आश्चर्य नहीं है कि वित्तीय संस्थान पूरे देश में किसानों को मौद्रिक सहायता प्रदान करते हैं। कृषि ऋण विभिन्न प्रकार की कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए उपलब्ध हैं।

भारत में किसान कृषि से संबंधित निम्नलिखित गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकता है:

  • कृषि से जुड़ी दैनिक कार्य के लिए (Daily Operation Related Exp)
  • ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, वगैरह जैसे फार्म मशीनरी खरीदना
  • भूमि खरीदना
  • भंडारण उद्देश्य (Storage)
  • उत्पाद विपणन ऋण (Product Marketing Loan)
  • कार्य मे विस्तार के लिए (Expansion)

ये वित्तीय सहायता अनुदान और सब्सिडी के रूप में भी दी जा सकती है, जो आमतौर पर फसलों के नुकसान की स्थिति में किसान की रक्षा के लिए होती हैं।

भारत में कृषि ऋण न केवल खाद्य फसलों की खेती में काम करने वाले किसानों को दिया जाता है, बल्कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए उपलब्ध होते हैं जो बागवानी, जलीय कृषि, पशुपालन, रेशम पालन, और फूलों की खेती जैसे अन्य कृषि-संबंधित क्षेत्रों में लगे हुए हैं।

नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD)भारत में सभी प्रमुख बैंकिंग और वित्तीय संगठन सभी स्तरों पर किसानों को वित्तीय मदद का प्रदान करते हैं। वित्तीय ऋण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि को बढ़ावा देने की इस प्रवृत्ति को नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) द्वारा 1980 के दशक की शुरुआत में शुरू किया गया था। यह वित्तीय संस्थान कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसे कई नवीन योजनाओं का श्रेय जाता है, जिन्होंने पूरे देश में किसानों को बहुत प्रभावित किया है। NABARD द्वारा शुरू की गई सबसे उल्लेखनीय योजना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है।

 

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) किसानो के लिए बेहद काम की योजना है । इसके जरिए किसानो को 1.60 लाख रुपये तक का लोन कृषि सहयोग एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा बिना गारंटी के दिया जा रहा है । इस योजना के अंतर्गत 03 वर्ष की अवधि मे 05 लाख रुपये तक का लोन ले सकते है । इस योजना के लाभ लेने के लिए PM –KISHAN मे आपका खाता होना जरूरी है जो की आप https://pmkisan.gov.in/RegistrationForm.aspx लिंक पर जाकर अपना आधार नंबर द्वारा कर सकते है। इस रजिस्ट्रेशन से आपको सरकार की अन्य स्कीम जैसे की पीएम-किसान सम्मान निधि का भी लाभ उठा सकते है । सरकार आगे करीब 2.5 करोड़ किसानो को KCC कार्ड देने जा रही है , अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो इसके बारे मे हर जरूरी जानकारी रखना जरूरी है।

इस कार्ड के जरिए किसान 03 वर्ष की अवधि मे 05 लाख रुपये तक का शॉर्ट टर्म लोन 9 फीसदी की दर पर ले सकते है लेकिन सरकार इस पर 2 फीसदी की सब्सिडी देती है, इस लिहाज से यह 7 फीसदी हुआ और वही अगर किसान लिए गए लोन का भुगतान समय से कर देता है तो उसे 03 फीसदी की और छुट मिल जाती है । इन सभी शर्तो के साथ किसान को लोन पर सिर्फ 4 फीसद ब्याज देना होता है।

कृषि ऋण योजनाओं के अन्य प्रकार

नाबार्ड ने विशिष्ट क्षेत्रों को लक्षित करते हुए कुछ अन्य योजनाओं को विकसित करके ,किसानो की  बहुत मदद की है। उनमें से कुछ नीचे सूचीबद्ध हैं:-

डेयरी उद्यमिता विकास योजना: यह योजना डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए है, विशेष रूप से आधुनिक डेयरी फार्मों की स्थापना करना , बछड़े पालन को बढ़ावा देने, बुनियादी ढाँचे प्रदान करने के लिए , व्यावसायिक स्तर पर उत्पाद को बेहतर बनाने ,स्व-रोजगार उत्पन्न करने के लिए और मवेशिवो के लिए रसद संचालन को उन्नत करने के लिए है। 

ग्रामीण गोदाम (Rural Godowns ): इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में किसानों को गोदाम उपलब्ध कराना है। इस स्कीम से किसानो को  उनकी स्टॉक  क्षमता में सुधार करने मे मदद मिलेगी  और परिणामस्वरूप, वे अपनी उपज को उचित दरों पर बेच पाएंगे। इसके अतिरिक्त, एक राष्ट्रीयकृत गोदाम प्रणाली के साथ कृषि उत्पादो का विपणन भी  सरल हो जाता है।

भंडारण रसीद के खिलाफ ऋण:  भंडारण रसीद वित्तपोषण संकट को रोकने के लिए  महत्वपूर्ण  तरीके में कार्य करता है। इस योजना के तहत जब फसल कटाई के बाद किसान को धन की जरूरत होती है, उसे अपनी उपज को वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (WDRA ) मान्यता प्राप्त गोदाम में स्टोर करना होता है, जो उसे रसीद जारी करता है। इस गोदाम रसीद में गुणवत्ता और उपज की मात्रा जैसे महत्वपूर्ण विवरणों का उल्लेख होता है , और इसका उपयोग कुल भंडारण मूल्य का 70 % तक बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।

सौर योजनाएँ: इन योजनाओं को सौर उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देकर ग्रिड बिजली पर निर्भरता को कम करने के लिए लागू किया गया था। यह देखते हुए कि सौर ऊर्जा की  परिचालन लागत कम है और पर्यावरण के अनुकूल हैं इसीलिए इसका  मुख्य उद्देश्य डीजल पंपों को सौर ऊर्जा से बदलना है।  इन योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए नाबार्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाया जा सकता है, साथ ही उनके लिए आवेदन कैसे करें, इसकी जानकारी भी दी गई है।

भारत में कृषि ऋण प्रदान करने वाले मुख्य बैंक:  भारत में सार्वजनिक क्षेत्र कई प्रमुख वित्तीय संस्थान हैं जो कृषि से संबंधित क्षेत्रों में अपनी असाधारण ऋण सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। इनमें से कुछ बैंकों का उल्लेख नीचे किया गया है।

भारतीय स्टेट बैंक कृषि ऋणभारतीय स्टेट बैंक कृषि क्षेत्र में वित्तपोषण परियोजनाओं में अग्रणी है। उन्होंने अपनी 16,000 से अधिक शाखाओं के माध्यम से देश भर में लाखों किसानों की मदद की है। वे किसान क्रेडिट कार्ड, फसल उत्पादन के लिए गोल्ड लोन और कृषि गतिविधियों के लिए बहुउद्देश्यीय गोल्ड लोन जैसे कई तरह के वित्त प्रदान करते है । SBI  खेतों के मशीनीकरण के लिए कृषि ऋण भी प्रदान करता है। इन ऋणों से प्राप्त धनराशि का उपयोग हार्वेस्टर, ट्रैक्टर को संयोजित करने और ड्रिप सिंचाई स्थापित करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, डेयरी, पोल्ट्री या मत्स्य पालन से संबंधित गतिविधियों के लिए भी ऋण लिया जा सकता है। वेयरहाउस रसीदों के खिलाफ क्रेडिट लिया जा सकता है , बैंक इस योजना मे ऋण प्रदान करता है, जिसमें किसानों को ऋण शार्क, धन उधारदाताओं, वगैरह जैसे गैर-संस्थागत ऋणदाताओं से लिए गए ऋण की  बकाया राशि को निपटाने  में मदद करने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को कर्ज मुक्त होने में मदद करना है । यदि आप भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दिए गए इन कृषि ऋणों में से किसी का भी लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अधिक विवरण और आवेदन के लिए अपनी निकटतम एसबीआई शाखा का दौरा करना होगा।

HDFC बैंक कृषि ऋणHDFC बैंक किसानों के लिए विभिन्न प्रकार के कृषि ऋण प्रदान करता है। इन ऋणों का उद्देश्य एक बागानों की स्थापना से शुरू होकर व्यावसायिक बागवानी और खेतों की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना  है। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक सभी किसानों और छोटे व्यापारियों को गोदाम रसीद वित्तपोषण (Loan Against Warehouse Receipts)  भी प्रदान करता है।

इलाहाबाद बैंक कृषि ऋणइलाहाबाद बैंक भारत में एक अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक है जो अपनी अक्षय कृषि योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करता है। इस योजना की विशेषताएं केसीसी योजना के समान हैं। सभी किसान, और खेती करने वाले मालिक इसका लाभ उठा सकते है। यह इलाहाबाद बैंक आलू उत्पादक क्रेडिट कार्ड योजना के रूप में जाना जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर ढंग से पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि उन्हें उनकी खेती की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सके।भारतीय स्टेट बैंक की तरह ही, इलाहाबाद बैंक गोदाम रसीद वित्तपोषण, ऋण स्वैपिंग योजना, ग्रामीण गोदाम का निर्माण, इत्यादि जैसी अन्य सेवाएं प्रदान करता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा कृषि ऋणजब लोग कृषि उद्देश्यों के लिए ऋण लेने की बात करते हैं बैंक ऑफ बड़ौदा एक अन्य प्रमुख नाम है, । उनके पास विभिन्न योजनाएं हैं, जो कृषि के लगभग सभी क्षेत्रों को कवर करती हैं। उदाहरण के लिए, किसान ट्रैक्टर और भारी मशीनरी खरीदने के लिए ऋण ले सकता है । इसके अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा  कार्यशील पूंजी और धनराशि प्रदान करता है जो कि इकाइयों को स्थापित करने और दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिए आवश्यक या डेयरी, सुअर फार्म, पोल्ट्री, सेरीकल्चर, भेड़ और बकरी के पालन के लिए वित्त प्रदान करता है।

पंजाब नेशनल बैंक कृषि ऋणपंजाब नेशनल बैंक में कृषि से संबंधित असंख्य वित्तीय सेवा उपलब्ध  हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति पीएनबी से बायोगैस इकाइयों को स्थापित करने, बंजर भूमि को विकसित करने, लघु सिंचाई तंत्र, वगैरह का ऋण लेने का लाभ उठा सकता है। इसके अतिरिक्त, वे लोग जो कृषि (मधुमक्खी पालन) के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं, वे वित्तीय सहायता के लिए पंजाब नेशनल बैंक से संपर्क कर सकते हैं। बैंक फसल का नस्ट हो जाना , प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और कीटों के कारण किसानों को बीमा कवरेज देता है।  वित्तीय सहायता के साथ गोदाम रसीद वित्तपोषण भी प्रदान करता है। यह सब किसान क्रेडिट कार्ड, ऋण स्वैपिंग, वगैरह जैसे किसानों को दी जाने वाली नियमित वित्तीय सेवाओं भी देता है।

ICICI बैंक कृषि ऋणICICI बैंक विभिन्न प्रकार के कृषि ऋण प्रदान करता है। उनका शीर्ष सेवा  किसान क्रेडिट कार्ड है, जो किसानों के लिए उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने का एक सुविधाजनक तरीका है। वे उपकरण या मवेशी खरीदने के लिए दीर्घकालिक ऋण भी देते हैं, जिसे 3-4 साल की अवधि में चुकाया जा सकता है। ICICI  बैंक कृषि से संबंधित परियोजनाओं के लिए वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल स्वर्ण ऋण प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, वे फिक्स्ड डिपॉजिट के ऊपर ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी प्रदान करते हैं, जिसे किसान कल्पवृक्ष के रूप में भी जाना जाता है।

AXIS बैंक कृषि ऋण AXIS बैंक ने कृषि वित्त की दुनिया में  अच्छा काम किया है। गत वर्षों में, उन्होंने किसानों को अपने विविध वित्तीय सेवाओ जैसे कि गोल्ड लोन, किसान क्रेडिट कार्ड, ट्रैक्टर ऋण, वेयरहाउस रसीद वित्तपोषण, ग्रामीण गोदामों को विकसित करने के लिए ऋण और बहुत तरह की सेवा प्रदान करता है। एक्सिस बैंक कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के रूप में जाना जाने वाला एक सेवा  भी प्रदान करता है, जिसमें किसानों और कॉरपोरेट्स के बीच ऋण समझौते किए जाते हैं। यह राशि ऋणदाता द्वारा तुरंत उत्पादन और आपूर्ति के लिए प्रदान की जाती है, और यह सब फेयर प्रैक्टिस लेंडिंग कोड द्वारा नियंत्रित होता है।