काम दिखाओ

इनाम जीतो प्रतियोगिता

के चयनीत सदस्यों की सूचि ..

रुपाली प्रिदार्शानी

यह  एक जागरूक महिला है जो अपने अंदर आत्मनिर्भर बनने की चाह से कुछ नया करना चाहती है वो एक मुर्गी पालक है और वो अपने फॉर्म में 1000 मुर्गी पालकर बेचती है इन्होंने ये कभी नहीं सोचा की मैं एक महिला हूँ और ये पुरुष की तरह काम कर पाऊँगी या नहीं | इन्होंने अपने आत्मविश्वास से पोल्ट्रीफार्मिंग का काम शुरू किया और यह एक अच्छे महिला व्यापारी है हलकी इनको काफी परेशानी भी हुई लेकिन दृढ़ निश्चय के आगे कोई मुसीबत कितनी देर टिक सकता है | और अब ये बकरी पालन का व्यवसाय करना चाहते है | इनको देख कर बाकी महिलाओ को भी कुछ कर गुजरने की चाह जगी है | रुपाली प्रियदर्शनी जी को ग्रामश्री की ओर से ढेरों शुभकामनाएं|

ललित कुमार

यह अपने गाँव में युवाओ के लिए एक प्रेरणा स्रोत है इन्होने अच्छी खासी नौकरी छोर कर अपने गांव  में एग्रीकल्चर में कम करने का निर्णय लिया| शुरुआत में गाँव इन्हे काफी समस्याओं से गुजरना परा गाँव वाले इनको और इनके परिवार को बहुत सी तरह की बात बोलते थे | पढ़ लिख कर खेती बारी करता है, इनके दोस्तों ने भी इनका बहुत मज़ाक उड़ाया पर इनके दृढ़ निश्चय के आगे सब झुक गए |  कड़ी मेहनत और लगन से इन्होंने पशु पालन ,मत्स्यपालन ,कृषि में कार्य कर रहे है | इनका एक और हुनर है पेंटिंग ये काफी अच्छे कलाकार भी है और इसी जज़्बे को ग्रामश्री किसान सलाम और सम्मान करता है हम इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है 

विश्वजीत कुमार

विश्वजीत कुमार अपने निजी जीवन में काफी परेसनियो की वजह से काफी तकलीफ़ हुआ लेकिन कहते है न की रात के बाद सवेरा ज़रुर होता है इनके जीवन में भी कुछ ऐसा ही हुआ ये पिछले वर्ष मछली पालन का वायपर चालू किये इन्होंने अपने पोखरा में मछली पालन शुरू किया 2 महीने बाद ही एक दुखद घटना हो गयी इनके पोखरा में 3 लोग स्नान कर रहे थे तभी बज्रपात होने से 3 लोगो की मौत हो गयी पुरे गावों में दुःख का घेरा चढ़ गया और कुछ अशिक्षित लोगो ने इन्हें बहुत बुरा भला कहा और इनके पोखरा को ही जिम्मेदार बता दिया काफी नुकसान और बदनाम के बावजूद भी इन्होंने इस बार फिर से मछली पालन का कम शुरू करने का निश्चय किया हम इनके हिम्मत और हौसले को सलाम करते है ग्रामश्री किसान इनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है |

राजीव कुमार

राजीव कुमार एक आम नागरिक की जीवन काट रहे थे जो घर परिवार की आर्थिक कमियों में घिरे हुए थे काफी तकलीफ़ के बाद उन्होंने अपना वायपर करना सोचे लेकिन आर्थिक तंगी के कुछ कर ना पाये फिर जैसे तैसे पैसे जोड़कर उन्होंने देशी मुर्गी पालन का वायपर शुरू किया लेकिन कुछ समय बाद अनुभव हुआ की हर प्रयास करने के बाद भी मुर्गी में अच्छा विकास नहीं हो रहा है क्यों की उन्होंने उसे फार्म के प्रकार से किया था फिर उन्होंने खुले में मुर्गी पालन करने का सोचा और ये प्रयास उनका सफल रहा आज वो इसी वायपर से अपना घर और अपना परिवार को ख़ुशी दे रहे है लोगो को अन- सुना कर उन्होंने अपने मन की सुनी | हम ऐसें  हौसलों को थोडा और मजुबुती के लिए इनके साथ है ग्रामश्री इनके उज्जवल भविष्य की कमाना करती हैं |

ओम प्रकाश कुमार

ओम प्रकाश एक टीका कर्मी है और इन्होंने 600 पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान किया है और ये बताते है की तिककर्मी लोग बहुत ही गलत करते है अपने फायदे के लिए लोगो को बेवकूफ़ बना के अलग अलग सुई देते है और इलाज भी करते है इन्होंने बताया की हमें कोई अधिकार नहीं है की हम किसी पशु का इलाज कर सके  कुछ टीका कर्मी के कारण पशु की मृत्यु हो जाती है ये बहुत गलत है ओम प्रकाश जी ने बताया इसी कारण अच्छे टीका कर्मी की भी बदनामी  होती है और ये सब लोगो को जागरूक करते है की ऐसी गलती ना करे नहीं तो आपको अपने पशु से हाथ धोना पर जायेगा | ग्रामश्री इस अच्छे विचारधारा को सम्मान करता है और इनके उज्जवल भविष्य की कमाना करता है

कपिल देव चौहान

कपिल देव चौहान जिनका आचरण एक दम सीधा है गावों में लोग इन्हे बहुत भोला समझाते है , ऐसे ही एक दिन रास्ते से गुजरते हुए इन्होंने मुर्गी पालन करते हुए देखा तभी मन में ठाना की मै मुर्गी पालन करूँगा लेकिन इन्होने सोचा की मुर्गी पालन तो ज्यादातर लोग करते है और  उन्हें चुज्जा का बहुत समस्या होती अंडा का भी बहुत समस्या होती है तब इन्होंने लेयर फार्मिंग के लिए सोचा और दृढ़ निश्चय किया की मैं अंडे का वायपर करूँगा फिर इन्होंने उसपे कड़ी  मेहनत की और आज इनके पास अच्छा खासा इनकम का स्रोत है हम इनके काबिलियत और मेहनत को सम्मान करते है और इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है

सतीश कुमार

सतीश कुमार एक अच्छे परिवार से आते है इनके परिवार के सभी लोग अलग तरह की बिज़नेस करते है जैसे टाइल्स,मार्बल,इट भठे और ठीकेदारी जैसे अनेक कार्य पर इनका लगाव हमेशा  से ही एग्रीकल्चर में रहा , पशुओं से लगाव  को ये छोर न पाये और गुजरात से अपनी नौकरी छोड़कर अपनी मिट्टी अपने गांव में आ गए और फिर फैसला किया की हम यही अपने खेते में ही कुछ करेंगे | हलाकि परिवार और समाज की बुराई के बावजूद इन्होंने अपने जिद्द को नहीं छोड़ा  | सतीश ने मछली पालन का काम शुरू किया और खूब मेहनत की फिर परिवार वालो ने भी सपोर्ट किया की जो भी करो मन से अब सतीश मछली का अच्छा उत्पादक बन गए है और के लिए प्रेरणा स्रोत भी | हम इनकी उज्जवल भविष्य की कमाना करते है

रविरंजन कुमार

रविरंजन कुमार जोकि नई उर्जा के साथ मत्स्य पालन में कदम बढाया है और इन्होंने सब से अलग हट के कुछ नया करने की कोसिस की है इन्होन महज 18 वर्ष की उम्र में ही मत्स्य पालन में अपना योगदान देने का निश्चय किया ये नई तकनीक बायोफ्लॉक विधि से मछली पालन करते है यह हमारे युवा में हुनर बिखेरने का कम कर रहे है | बायोफ्लॉक विधि मत्स्य में काफ़ी उन्नत साबित हो रहा है रविरंजन कुमार ने बताया की नई तकनीक को भारत के मतस्य पलकों को जरुर उपयोग करना चाहिए जिससे काफी फायदा हो रहा है उन्होंने कहा की यही तो है स्किल इंडिया  हैं |

हम इस दरियादिली और ईस सोच को सलाम करते है  ,ग्रामश्री किसान  इनके उज्जवल भविस्य की कामना करता है  |

विजय कुमार

विजय कुमार जी ने जब ग्राम श्री किसान में संपर्क किया तो उन्होंने अपने लिए नहीं बल्कि अपने गांव के किसान भाइयों के लिए किया और उनकी समस्या कैसे दूर हो यह जानकारी लेनी चाहिए और उन्होंने बताया कि हमारे यहां 20 से 25 किसान एक साथ खेती करते हैं और एक ही फसल बोते हैं और कोई भी जानकारी हो तो वह सब को बताते हैं कि कैसे उसका फायदा उठाना है उन्होंने बताया कि यह सारी सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत कराते हैं और इन्होंने बताया फसल एक होने के कारण जो भी समस्या होती है वह एक जैसी होती है इसलिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करना पड़ता है ग्राम श्री  किसान ऐसी सोच को नमन करता है जय जवान जय किसान